तब क्रिश्चियन और इस्लामी कलेन्डर ऐक से होगें...!

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काल गणना''
आज जब सम्पूर्ण विश्व में सामान्यतः ऐक ग्रेगेरियन कलेन्डर ही लागू है तब भी अलग अलग धर्मो के तीज त्यौहार मनाने के लिये वे अपने कलेन्डर को ही मान्यता प्रदान करते है।
इस हिसाब से हिन्दू त्यौहार शक संवत् अथवा विक्रमी संवत से इस्लामी त्यौहार हिजरी संवत से तथा फसल से जुडे त्यौहार फसली संवत से मनाये जाते हैं। सामान्यतः सभी कलेन्डरों में सूर्य की गति के आधार पर एक वर्ष 365-366 दिनो का ही होता है।
हिन्दू वर्ष चन्द्रगति पर निर्भर करता है परन्तु इसे सूर्य की गति से जोडने के लिये इसमें अधिमास की मान्यता है जिसके अनुसार प्रत्येक वर्ष बारी बारी से ऐक माह को अधिमास के रूप् में मनाया जाता है।
ऐसे मे विभिन्न संवतो के पारस्परिक संबंध को याद रखने के लिये साधारण सा फार्मूला यह है कि-
*सामान्य ई0 सन् से शक् संवत निकालने के लिये लिये 78 वर्ष धटाना है । यथा 2017 का शक् संवत 1939 है
*सामान्य ई0 सन् से विक्रमी संवत निकालने के लिये 57 वर्ष जोडना है। यथा 2017 का विक्रमी संवत 2074 है
*इस बार सामान्य ई0 सन् से हिजरी संवत निकालने के लिये 579 घटाना है। यथा 2017 का हिजरी संवत 1438 है। लेकिन यह हमेशा सही नहीं होगा क्योंकि इस्लामी वर्ष में 12 महीने तो होते हैं लेकिन दिन 365 नहीं होते 354 या 355 होते हैं क्योंकि यह चन्द्रगति पर निर्भर करता है। इस प्रकार सामान्य सौर वर्ष से 11-12 दिन छोटा होता है हिजरी वर्ष ।
इस हिसाब से ग्रेगोरियन और इस्लामी कलेन्डर में आज जहां 579 का अन्तर है वह लगभग 33 वर्ष बाद 578 हो जायेगा। जब इस्लामी कलेन्डर प्रारंभ हुआ था उस समय यह अंतर 623 था । लगभग प्रत्येक 32 33 वर्ष बाद यह अंतर ऐक अंक से घट जाता है।
उल्लेखनीय है कि सामान्य सौर वर्ष अथवा ग्रेगेरियन वर्ष की ऐक सदी मे 103 इस्लामी वर्ष होते हैं।
इस हिसाब से ग्रेगेरियन और हिजरी वर्ष के वर्तमान में 579 के अंतर को घटकर शून्य होने में अभी 18817 सौर वर्ष शेष है यानी सन् 20817 में ग्रेगेरियन और हिजरी दोनो संवतें 20817 होगी।

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